सावित्रीबाई फुले

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आज ही के दिन 3 जुलाई 1851 को राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फूले जी और राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूले जी ने पूना के भिड़ेवाडा में लड़कियों के लिए दूसरा स्कूल खोला था।

सावित्रीबाई फुले (Savitribai Phule) भारतीय समाजसेवी, शिक्षिका और महिला सशक्तिकरण की पहलवान थीं। वह महाराष्ट्र की पहली महिला जो कीटाणुरोधी टीका द्वारा वैक्सीनेशन की अभियान का संचालन करने वाली शिक्षिका थीं। सावित्रीबाई 19वीं शताब्दी के मध्य भारत में महिला शिक्षा के लिए लड़ाई लड़ने वाली महिलाओं में से एक थीं।


सावित्रीबाई का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के नायगाव जिले के नायगाव गांव में हुआ था। उनके पति ज्योतिबा फुले की तरह, सावित्रीबाई ने भी नीची जाति और महिलाओं के लिए शिक्षा के अधिकार की मांग की और उसे लागू करने के लिए कार्य किया।


सावित्रीबाई ने अपने पति के साथ मिलकर शिक्षा के लिए एक स्कूल स्थापित किया, जिसे हमारी लेडीज गोवर्नमेंट अन्य टीचर्स कॉलेज (HGGTA) के नाम से जानते हैं। वह महिलाओं को स्वतंत्र और सक्रिय नागरिक बनाने के लिए अपने समय की बहुत सारी शिक्षा कार्यक्रमों का आयोजन करती थीं। सावित्रीबाई फुल

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